सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी कॉलेज में 25 मई 2026 को दाखिला प्रक्रिया के दौरान हुए छात्र संगठन संघर्ष मामले में आरोपी और ‘मर्डर’ के नाम से चर्चित सौरभ भास्कर ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर गुरुवार को सिलीगुड़ी अदालत में पेश किया।
आरोप है कि अदालत में पेशी के दौरान सौरभ भास्कर पर अंडे फेंके गए। वहीं, अदालत परिसर के पास तृणमूल कांग्रेस के युवा नेता प्रमित दे पर भी कथित रूप से हमला किया गया। आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें उनके ही हेलमेट से पीटा और उन पर पत्थर भी फेंके। हमले में घायल होने के बाद प्रमित दे को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
गौरतलब है कि 25 मई को सिलीगुड़ी कॉलेज में एडमिशन प्रक्रिया के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और तृणमूल छात्र परिषद (TMCP) की ओर से अलग-अलग हेल्प डेस्क लगाए गए थे। इसी दौरान दोनों छात्र संगठनों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गई। घटना में कई छात्र घायल हो गए थे।
घटना के बाद एबीवीपी की ओर से सिलीगुड़ी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस पहले ही एक आरोपी विश्वजीत सरकार को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, दूसरे आरोपी सौरभ भास्कर की तलाश जारी थी। बाद में उन्होंने स्वयं पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया।
आज इस मारपीट की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस के नेता कुंतल घोष ने कहा कि सिलीगुड़ी में इस तरह की हिंसक घटनाएं होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं से सिलीगुड़ी की संस्कृति और सामाजिक सौहार्द को धूमिल किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले के पीछे सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। साथ ही अदालत परिसर के बाहर हुई मारपीट और हंगामे की भी अलग से जांच शुरू कर दी गई है।

