कौन सुनेगा तिरहाना चाय बागान के श्रमिकों की फरियाद!
तन ढकने को साबूत कपड़े नहीं… मुर्गी के दरबों जैसे मकान… जहां बरसात का पानी उनके सर पर गिरता है. जंगल में रहने
तन ढकने को साबूत कपड़े नहीं… मुर्गी के दरबों जैसे मकान… जहां बरसात का पानी उनके सर पर गिरता है. जंगल में रहने
हर साल की तरह इस साल भी सिलीगुड़ी में दीपावली को लेकर जुए का बाजार गर्म है. सिलीगुड़ी के कोने-कोने में जुए के
सिलीगुड़ी के बाजारों में छठ पूजा एवं दीपावली की काफी भीड़ देखी जा रही है. इस बीच बाजार, दुकान, प्रतिष्ठान, सड़क और चौक