May 29, 2026
Sevoke Road, Siliguri
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जागो सिलीगुड़ी! मिलनपल्ली और हिंदी हाई स्कूल इलाके में दिनदहाड़े ड्रग्स का सेवन!

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सिलीगुड़ी के मिलन पल्ली इलाके में उस समय हडकंप मच गया, जब टाटा मैजिक नामक एक गाड़ी में बैठे चार-पांच लड़के ड्रग्स का सेवन कर रहे थे. गाड़ी सड़क पर खड़ी थी. लोग उधर से आ जा रहे थे. लेकिन गाडी के भीतर क्या हो रहा था, यह किसी को पता नहीं था.

जब काफी समय हो गया और गाड़ी अपनी जगह पर ही खड़ी रही, तो इलाके के कुछ लोगों को शक हुआ. उन्होंने स्थानीय भाजपा नेता आदित्य मोदक को फोन करके मामले की जानकारी दी. भाजपा मंडल 5 के पूर्व प्रेसिडेंट आदित्य मोदक तुरंत ही मौके पर पहुंचे. उन्होंने देखा कि टाटा मैजिक गाड़ी के शीशे बंद थे. लेकिन अंदर से कुछ हलचल हो रही थी. आदित्य मोदक ने गाड़ी के शीशे हटाने की कोशिश की और डपट कर पूछा, तुम लोग कौन हो?

गाड़ी के अंदर चार-पांच लड़के बैठे नशा कर रहे थे. उन सभी की उम्र 20 साल से लेकर 25 साल के भीतर थी. आदित्य मोदक ने पूछा, तुम लोग ड्रग्स का सेवन कर रहे हो? यह ड्रग्स तुम्हारे पास कैसे आया? इस पर लड़कों ने पहले तो हेकड़ी जमाने की कोशिश की. फिर उन्होंने गोलमोल जवाब दिया. एक ने कहा कि वे लोग गांजा पी रहे थे. अभी यहां से चले जाएंगे.

आदित्य मोदक ने कहा, या तो तुम सच-सच बता दो या फिर मैं पुलिस के हवाले तुम्हें करता हूं. पुलिस का नाम सुनते ही एक लड़का डर गया. उसने कहा कि उनसे भूल हो गई है. वास्तव में वे सभी drugs का सेवन कर रहे थे. जब उनके आसपास लोगों की काफी भीड़ एकत्र हो गई तो उनके खिलाफ माहौल ताकि खराब ना हो, वहां से चले जाने के लिए उन्होंने गाड़ी बढ़ानी चाही. लेकिन तब तक पुलिस वहां आ चुकी थी. वास्तव में भाजपा नेता आदित्य मोदक ने पहले ही पुलिस को फोन करके मौके पर बुला लिया था.

आदित्य मोदक ने बताया कि उन सभी लड़कों को माटीगाड़ा रेल लाइन इलाके से ड्रग्स की सप्लाई की गई थी. इस क्षेत्र में drugs का बड़े पैमाने पर कारोबार होता है. जिस लड़के ने उन्हें ड्रग्स बेचा था, उसका नाम पता और पहचान बताने के लिए उन्होंने drugs का सेवन करने वाले लड़कों से काफी पूछताछ की. लेकिन उन्होंने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी. अब पुलिस उनसे पूछताछ करेगी.

आदित्य मोदक बताते हैं कि किसी समय 25 नंबर वार्ड नशा मुक्त था. लेकिन वर्तमान में यहां आए दिन कफ सिरप, बम बारूद और हथियार बरामद होने की खबरें सुनी जाती है. उन्होंने कहा कि मिलनपल्ली, हिंदी हाई स्कूल के आसपास के इलाके में हर दूसरे तीसरे घर में नशा प्रवेश कर चुका है. स्थानीय अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं. स्थानीय नौजवान पीढी को नशे के दलदल में गिरने से बचाने की जरूरत है. इसके लिए स्थानीय नागरिकों और पुलिस प्रशासन को समाज में जागरूकता अभियान और पुलिस प्रशासन को नशे के खिलाफ सख्ती बढ़ाने की जरूरत है.

सिलीगुड़ी के कई वार्ड नशे और नशे के कारोबार के स्थल के रूप में पहले ही चिन्हित किये जा चुके हैं. इनमें सिलीगुड़ी का एक नंबर वार्ड, दार्जिलिंग मोड का इलाका, गुरुंग बस्ती इलाका, प्रधान नगर थाना के अंतर्गत कुछ इलाकों से आए दिन नशा और नशेड़ियों के खिलाफ पुलिस का अभियान चलता रहता है. इन इलाकों में ड्रग्स का कारोबार तेजी से अपना पैर पसार रहा है. सूत्रों ने बताया कि सिलीगुड़ी में मादक पदार्थों और ड्रग्स का सप्लायर कोई आम आदमी नहीं है. इसलिए वह पकड़ा नहीं जाता है.

माटीगाड़ा इलाका तो पहले ही ड्रग्स केंद्र के रूप में चिन्हित किया जा चुका है. अब इन इलाकों में सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के अंतर्गत विभिन्न थानों के द्वारा मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. सूत्र बता रहे हैं कि ऐसा कोई भी दिन नहीं बीतता है जब यहां से मादक पदार्थ और नशेड़ी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आते.

सूत्र बता रहे हैं कि पिछले कुछ समय से सिलीगुड़ी के 25 नंबर वार्ड मिलनपल्ली और हिंदी हाई स्कूल के पीछे के क्षेत्र में नशे का कारोबार बढ़ गया है. इन क्षेत्रों में रहने वाले अनेक परिवार अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं. हर दूसरे तीसरे घर में नशा प्रवेश कर रहा है. इसको लेकर स्थानीय बुद्धिजीवी और समाजसेवी पुलिस प्रशासन से कुछ ठोस कदम उठाने की अपेक्षा कर रहे हैं. सरकार बदलने के बाद भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेता नशे के खिलाफ अभियान चला रहे हैं और पुलिस को सहयोग कर रहे हैं.

अब समय आ गया है कि सिलीगुड़ी की नौजवान पीढी के भविष्य को बचाने के लिए अभिभावक, नागरिक, राजनीतिक दल और पुलिस प्रशासन सभी को एकजुट होकर नशे के खिलाफ आगे आना चाहिए. उन्हें जहां कहीं भी नशा और नशेड़ी-तस्कर के बारे में पता चलता है, वे तुरंत पुलिस को फोन करें. क्योंकि यह काम अकेले पुलिस प्रशासन नहीं कर सकता है जब तक कि स्थानीय नागरिकों का पुलिस को सहयोग न मिले.

आज की घटना एक बानगी है. अगर सिलीगुड़ी के जिम्मेदार नागरिक इसी तरह चुप बैठे रहे तो कल पूरा सिलीगुड़ी शहर नशा तस्करों और नशेड़ियों की मुट्ठी में कैद हो जाएगा. पुलिस प्रशासन को इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनानी चाहिए और नशा के खिलाफ आर या पार की लड़ाई में पीछे नहीं हटना चाहिए.

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